पाठ ३ : वाह रे! हमदर्द — कक्षा 10 हिंदी लोकभारती स्वाध्याय | प्रश्न-उत्तर एवं अभ्यास

३. वाह रे ! हमदर्द

घनश्याम अग्रवाल

📚 पाठ शुरू करने से पहले महत्वपूर्ण बातें
पाठ ३ : ‘वाह रे! हमदर्द’
प्रिय विद्यार्थियों,
इस पाठ के स्वाध्याय में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर सरल एवं परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। ✍️
✅ सभी उत्तर कक्षा 10 हिंदी लोकभारती के अनुसार दिए गए हैं।
✅ प्रश्नों को क्रमवार हल किया गया है।
✅ उत्तरों को परीक्षा में लिखने योग्य बनाने का प्रयास किया गया है।
✅ स्वाध्याय की तैयारी करते समय पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और फिर उत्तर का अभ्यास करें।
✅ महत्वपूर्ण उत्तरों का नियमित लेखन-अभ्यास करें, ताकि परीक्षा में समय की बचत हो।
अब आइए, पाठ ३ ‘वाह रे! हमदर्द’ का स्वाध्याय शुरू करते हैं। 🌸

३. वाह रे ! हमदर्द

स्वाध्याय 




 










(४) कारण लिखिए :

प्रश्न १ : लेखक को अधिक गुस्सा अपनी पत्नी पर आया।
उत्तर : लेखक को अधिक गुस्सा अपनी पत्नी पर आया, क्योंकि आगंतुक को रोते देखकर लेखक की पत्नी ने उसे कोई रिश्तेदार या करीबी मित्र समझकर टैक्सीवाले को किराए के पैसे दे दिए थे।
प्रश्न २ : लेखक कहते हैं कि मेरी दूसरी टाँग उस जगह तोड़ना जहाँ कोई परिचित न हो।
उत्तर : लेखक कहते हैं कि मेरी दूसरी टाँग उस जगह तोड़ना जहाँ कोई परिचित न हो, क्योंकि उस जगह लेखक के परिचित होंगे तो लेखक से समय-असमय मिलने आकर तंग करेंगे।


(५) शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

प्रश्न १ : वह स्थान जहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी रखे जाते हैं — ______
उत्तर : चिड़ियाघर
प्रश्न २ : जहाँ मुफ्त में भोजन मिलता है — ______
उत्तर : लंगर (भंडारा)

(६) शब्द बनाइए :

मूल शब्द उपसर्गयुक्त शब्द प्रत्यययुक्त शब्द
दर्द बेदर्द दर्दनाक
निश्चित अनिश्चित निश्चितता

✦ अभिव्यक्ती — स्वाध्याय ✦

प्रश्न : मरीज से मिलने जाते समय कौन-कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए, लिखिए।

उत्तर :

  1. मरीज से मिलने से पहले और मिलने के बाद हाथ अच्छी तरह धोने चाहिए।
  2. मरीज की बीमारी संक्रामक हो तो मास्क पहनना चाहिए।
  3. मरीज के कमरे में अनावश्यक भीड़ नहीं करनी चाहिए।
  4. मरीज के पास बैठकर धीरे-धीरे और सकारात्मक बातें करनी चाहिए।
  5. मरीज को थकान न हो, इसका ध्यान रखना चाहिए।
  6. डॉक्टर की अनुमति के बिना मरीज को कोई खाद्य पदार्थ या दवा नहीं देनी चाहिए।
  7. मरीज की वस्तुओं को बिना अनुमति के नहीं छूना चाहिए।
  8. रुग्णालयातील स्वच्छता व नियमांचे पालन करावे।

✦ भाषा बिंदु — स्वाध्याय ✦

(१) निम्नलिखित वाक्यों में आए हुए संज्ञा शब्दों को रेखांकित करके उनके भेद लिखिए :

१. सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई।
उत्तर: सोनाबाई — व्यक्तिवाचक संज्ञा, बच्चे — जातिवाचक संज्ञा।

२. गाय बहुत दूध देती है।
उत्तर: गाय — जातिवाचक संज्ञा, दूध — द्रव्यवाचक संज्ञा।

३. मैं रोज ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।
उत्तर: ईश्वर — व्यक्तिवाचक संज्ञा, प्रार्थना — भाववाचक संज्ञा।

४. सैनिकों की टुकड़ी आगे बढ़ी।
उत्तर: सैनिक — जातिवाचक संज्ञा, टुकड़ी — समूहवाचक संज्ञा।

५. सोना-चाँदी और भी महँगे होते जा रहे हैं।
उत्तर: सोना — द्रव्यवाचक संज्ञा, चाँदी — द्रव्यवाचक संज्ञा।

६. गोवा देख मैं तरंगायित हो उठा।
उत्तर: गोवा — व्यक्तिवाचक संज्ञा।

७. युवकों का दल बचाव कार्य में लगा था।
उत्तर: युवक — जातिवाचक संज्ञा, दल — समूहवाचक संज्ञा।

८. आपने विदेश में भ्रमण तो कर लिया है।
उत्तर: विदेश — जातिवाचक संज्ञा, भ्रमण — भाववाचक संज्ञा।

९. इस कहानी में भारतीय समाज का चित्रण मिलता है।
उत्तर: कहानी — जातिवाचक संज्ञा, समाज — समूहवाचक संज्ञा, चित्रण — भाववाचक संज्ञा।

१०. सागर का जल खारा होता है।
उत्तर: सागर — जातिवाचक संज्ञा, जल — द्रव्यवाचक संज्ञा।

(२) पाठ में प्रयुक्त किन्हीं पाँच संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

१. मरीज — मरीज का स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर है।

२. अस्पताल — मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया।

३. डॉक्टर — डॉक्टर ने मरीज की जाँच की।

४. सेवा — हमें बीमार लोगों की सेवा करनी चाहिए।

५. समाज — हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

(३) निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों में उचित सर्वनामों का प्रयोग कीजिए :

१. वह सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में है।

२. तुम बाजार जाओ।

३. वे कारखाने में एक ही विभाग में काम करते थे।

४. इसे लेकर तुम क्या करोगे?

५. हृदय उसका है; वह उदार हो।

६. लोग अपना कमरा स्वच्छ कर रहे हैं।

७. हमने रिसॉर्ट पहले से बुक कर लिया है।

८. इसके बाद वे लोग दिन भर पत्ते देखते रहे।

९. उसने इसके पहले उसे मना किया।

१०. काम करने के लिए कहा है — तुम करो।

(४) पाठ में प्रयुक्त सर्वनाम ढूँढ़कर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

१. वह — वह रोज समय पर स्कूल जाता है।

२. तुम — तुम मन लगाकर पढ़ाई करो।

३. हम — हम सभी मिलकर काम करेंगे।

४. वे — वे आज बाजार गए हैं।

५. अपना — हमें अपना काम स्वयं करना चाहिए।

✦ उपयोजित लेखन ✦

प्रश्न :

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर किसी समारोह का वृत्तांत लेखन कीजिए :

स्थान • तिथि और समय • प्रमुख अतिथि • समारोह • अतिथि संदेश • समापन

विद्यालय में वार्षिकोत्सव समारोह

स्थान : सरस्वती विद्यालय, मुंबई

तिथि और समय : १० अगस्त २०२६, शाम ५:०० बजे

प्रमुख अतिथि : प्रसिद्ध शिक्षाविद् श्रीमती सीमा देशमुख

गत १० अगस्त २०२६ को हमारे विद्यालय में वार्षिकोत्सव समारोह बड़े उत्साह और आनंद के साथ मनाया गया। यह समारोह विद्यालय के विशाल सभागृह में शाम ५ बजे आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने प्रमुख अतिथि का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत, नाटक तथा देशभक्ति पर आधारित सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट विद्यार्थियों को प्रमुख अतिथि के हाथों पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।

अतिथि संदेश :

प्रमुख अतिथि ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी आवश्यक हैं।

समापन :

अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। यह समारोह सभी के लिए अविस्मरणीय और प्रेरणादायी रहा।

✦ Rukmini Classes ✦

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